कानपुर/कौशाम्बी: कानपुर में चल रहे 'धर्मांतरण नेटवर्क' की जांच अब और भी गहरी हो गई है। पुलिस को शक है कि इस पूरे खेल के पीछे विदेशों से मोटा पैसा भेजा जा रहा है। जांच एजेंसियों ने अब पुराने मामलों की फाइलें फिर से खोल दी हैं और बैंक खातों की बारीकी से जांच शुरू कर दी है।
पुराने मामलों से जुड़े तार
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह सिंडिकेट सिर्फ कानपुर तक सीमित नहीं है। पकड़े गए संदिग्धों के पुराने रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला है कि इनके तार काफी समय से सक्रिय थे। जांच अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि फंडिंग का असली स्रोत क्या है और पैसा किन रास्तों से भारत आ रहा था।
कौशाम्बी में भी खुफिया विभाग अलर्ट
कानपुर में हो रही इस बड़ी कार्रवाई का असर पड़ोस के जिलों में भी देखने को मिल रहा है। कौशाम्बी पुलिस भी इस मामले को लेकर सतर्क हो गई है। खुफिया विभाग (LIU) को मंझनपुर और सिराथू जैसे संवेदनशील इलाकों में खास नजर रखने को कहा गया है।
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सूत्रों की मानें तो कौशाम्बी SP ने स्थानीय थानेदारों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने इलाकों में बाहरी लोगों के वेरिफिकेशन पर जोर दें। आशंका जताई जा रही है कि सख्ती बढ़ने पर अपराधी आस-पास के जिलों में पनाह ले सकते हैं।
बैंक खातों पर पुलिस की नजर
जांच का मुख्य फोकस अब 'मनी ट्रेल' पर है। पुलिस को शक है कि धर्म बदलने के नाम पर लोगों को लालच देने के लिए जो पैसा बांटा गया, वह खाड़ी देशों या अन्य विदेशी संस्थाओं से आया हो सकता है। कई एनजीओ (NGO) भी रडार पर हैं।
निष्कर्ष:
धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। 'कौशाम्बी न्यूज़' अपने पाठकों से अपील करता है कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। अगर आपके आस-पास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। कानून अपना काम कर रहा है।
